पुरुषों की कमजोरी को जड़ से मिटाने के देसी तरीके

पुरुषों की कमजोरी को जड़ से मिटाने के देसी तरीके

इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।

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  • कौंच बीज –  कौंच बीज पाउडर नपुंसकता खत्म करता है, और यह स्वप्न दोष को भी दूर करता है. कौंच बीज पाउडर पौष्ठिक, धातुवर्धक, एंव वीर्य को गाढा करता हैं। कौंच बीज पाउडर सेक्स पॉवर बढ़ाता है और कौंच बीज पाउडर का निरन्तर सेवन करने से आपकी ताकत एक युवा घोडे के समान हो जाती हैं, जिससे आपका साथी आपके साथ चरम आनन्द की सीमा मे सुख के पल व्यतीत करता हैं। जिन पुरुषो की योन शक्ति कम हो जाती है, अथवा जिनकी योन इच्छा खत्म हो जाती हैं, उनके लिए कौंच बीज पाउडर किसी संजीवनी से कम नही होता हैं।
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  • गोखरू (Gokhru)- गोखरू का फल कांटेदार होता है और औषधि के रूप में काम आता है। बारिश के मौसम में यह हर जगह पर पाया जाता है। नपुंसकता रोग में गोखरू के लगभग 10 ग्राम बीजों के चूर्ण में इतने ही काले तिल मिलाकर 250 ग्राम दूध में डालकर आग पर पका लें। पकने पर इसके खीर की तरह गाढ़ा हो जाने पर इसमें 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए। इसका सेवन नियमित रूप से करने से नपुसंकता रोग में बहुत ही लाभ होता है।
  • मूसली (Musli)- मूसली काली और सफेद दो तरह की होती है। सफेद मूसली काली मूसली से अधिक गुणकारी होती है और वीर्य को गाढ़ा करने वाली होती है। मूसली का 3-3 ग्राम चूर्ण सुबह और शाम दूध के साथ लेने से वीर्य गाढ़ा होता है और शरीर में काम-उत्तेजना की वृद्धि होती है।
  • आयुवेदिक औषधियो का सेवन करके आप इस समस्या से पूर्ण रुप से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आप कामधेनु कामदेव चूर्ण, वीर्यषोधन चूर्ण, कौंच बीज का नियमित रुप से सेवन करके इस समस्या से मुक्ति पा सकते हैं।
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  • वीर्य तथा सेक्स क्षमता में वृद्धि के लिए- पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें।
  • तालमखाने के बीज, चोबचीनी, ढाक का गोंद और मोचरस (सभी 100-100 ग्राम) तथा 250 ग्राम मिश्री को कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। इससे यौन रुपी कमजोरी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग दूर होते हैं।
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